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Senior citizens should keep these 5 things in mind while investing in SCSS scheme | फाइनेंशियल ईयर 23-24 में वरिष्ठ नागरिक बेहतर रिटर्न के लिए SCSS योजना में निवेश करते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान

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Better return from SCSS in financial year 23-24- India TV Paisa
Photo:CANVA सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करते समय ध्यान देने वाली बातें

Senior Citizen Saving Scheme: फाइनेंशियल ईयर 23-24 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) में निवेश पर बेहतर रिटर्न लेने का मौका है। 60 वर्ष या अधिक उम्र के भारतीय नागरिक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। एससीएसएस अकाउंट में पैसे रखकर आप सामान्य खातों से अधिक ब्याज ले पाते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इसके लाभ लेने वाले लोगों के लिए 8% ब्याज दर किया गया था। अगर आप भी न्यू फाइनेंशियल ईयर में सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करने वाले हैं तो इन 5 बातों का रखें ध्यान।

फाइनेंशियल ईयर 23-24 में समय पर करें निवेश

अगर आप सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करना चाहते हैं तो ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। आप फाइनेंशियल ईयर 23-24 में समय रहते इसमें जल्दी निवेश कर अधिक रिटर्न ले सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर आपके जानकर में कोई और हो तो उन्हे भी जल्दी निवेश करने की सलाह दें। दरअसल जितना जल्दी आप निवेश करेंगे उसी अनुसार आपको समय पर रिटर्न लेने में आसानी होगी।

फाइनेंशियल ईयर 23-24 अधिकतम राशि का निवेश करें 

अधिकतर लोग निवेश करते समय अपने पोर्टफोलियो के ऊपर ज्यादा ध्यान देते हैं। कम राशि को अलग-अलग जगह निवेश कर इसे मैनेज करना मुश्किल होता है। आप फाइनेंशियल ईयर 23-24 में सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम निवेश करें। 

फाइनेंशियल ईयर 23-24 में लंबी अवधि पर रखें नजर

फाइनेंशियल ईयर की शुरूआत होने से पहले ही निवेश की योजना बनाने वाले लोग समय अवधि के ऊपर भी ध्यान दें। अधिक समय अवधि वाले योजना में निवेश कर ज्यादा रिटर्न ले सकते हैं। फाइनेंशियल ईयर 23-24 में कम से कम 5 वर्ष के लिए निवेश कर अधिकतम ब्याज दर अर्जित करें।

फाइनेंशियल ईयर 23-24 में टैक्स बेनिफिट्स पर दें ध्यान

फाइनेंशियल ईयर 23-24 में सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में निवेश करने के बाद आप फाइनेंशियल ईयर की समाप्ति होते समय आइटीआर फाइल कर टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80c के अनुसार टैक्स में छूट मिलती है। निवेश करने के बाद मिलने वाले ब्याज पर 50000 रुपये टैक्स फ्री है।

फाइनेंशियल ईयर 23-24 में ब्याज दरों की करें निगरानी

आमतौर पर लोग निवेश करने के बाद इसकी मैच्योरिटी पूरी होने तक बेनिफिट्स और ब्याज दर के ऊपर निगरानी नहीं रखते हैं। SCSS में समय के साथ बदलाव होने पर आप ब्याज दरों के ऊपर निगरानी रखकर और अधिक बेहतर रिटर्न ले पाएंगे। फाइनेंशियल ईयर 23-24 में इससे जानकारी मिलती रहेगी की आपको रिटर्न मिल रहा है या नहीं।

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