Business

India is making a framework to regulate AI platforms like chat gpt and bard said ashwini Vaishnav | AI के आने से अब पूरी तरह नहीं बदलेगी जिंदगी, भारत सरकार के इस मास्टर प्लान की फैन हुई दुनिया

[ad_1]

AI Platforms- India TV Paisa
Photo:FILE AI Platforms

AI Platforms: भारत सरकार AI के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए नया नियम बनाने जा रही है। सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह एल्गोरिदम और कॉपीराइट से संबंधित क्षेत्रों में अपनी पहुंच बना रहे चैटजीपीटी जैसे एआई बेस्ड स्मार्ट टेक प्लेटफॉर्म के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाने पर विचार कर रही है। यह कानून इससे संबंधित अन्य समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर तैयार किया जाएगा। संचार और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई प्लेटफार्मों के बढ़ते प्रभाव को विभिन्न देशों द्वारा देखा जा रहा है, और इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय विचार-विमर्श के बाद एक रूपरेखा विकसित करने की आवश्यकता है। पूरी दुनिया देख रही है कि फ्रेमवर्क क्या होना चाहिए, और नियामक सेटअप क्या होना चाहिए। जी 7 में, सभी डिजिटल मंत्री (जी 7 देशों के) गंभीर रूप से चिंतित हैं कि नियामक ढांचा क्या होना चाहिए। इसलिए, यह एक वैश्विक समस्या है। 

यह एक वैश्विक समस्या

वैष्णव ने बताया कि यह किसी एक देश का मुद्दा नहीं है। इसे अंतरराष्ट्रीय नजरिए से देखा जाना चाहिए। विभिन्न देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान जारी रहेगा। एआई चैट प्लेटफॉर्म, जैसे कि चैटजीपीटी, जो ‘जनरेटिव एआई’ टूल्स का उपयोग करते हैं और सेकंड के भीतर मानव जैसी बुद्धिमान प्रतिक्रियाएं देते हैं, के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि आईपीआर, कॉपीराइट, एल्गोरिदम के पूर्वाग्रह के बारे में चिंताएं हैं। यह एक विशाल क्षेत्र है। स्टार्टअप OpenAI द्वारा बनाई गई ChatGPT ने पिछले साल के अंत में सेवाएं शुरू की और इसके लॉन्च के केवल पांच दिनों में एक मिलियन से अधिक यूजर्स बन गए। Microsoft ने कंपनी में अरबों डॉलर का निवेश किया है। माइक्रोसॉफ्ट ने खोज विशाल बिंग समेत अपने उत्पादों में प्रौद्योगिकी को भी एकीकृत किया है।

इसे देखते हुए Google ने भी बार्ड नाम से एक एआई तैयार किया है, जो इंटरनेट लिंक की एक सूची देने के बजाय अधिक वास्तविक दुनिया की बुद्धिमान प्रतिक्रियाएं देता है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि बार्ड हमारे बड़े भाषा मॉडल की शक्ति, बुद्धिमत्ता और रचनात्मकता के साथ दुनिया के ज्ञान की चौड़ाई को जोड़ना चाहता है। यह वेब से जानकारी प्राप्त करता है। हालांकि, दुनिया भर के नियामक ऐसी तकनीकों की बढ़ती लोकप्रियता, स्वीकृति और उपयोग से चिंतित हैं क्योंकि उनमें लोगों को गुमराह करने, झूठी और नकली खबरें फैलाने, कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन करने और यहां तक कि लाखों नौकरियां खत्म करने की क्षमता हो सकती है।

Latest Business News

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *